मरवाही - पुलिस ने मवेशी तस्करी करते हुए 2 लोगो को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 16 मवेशियों को जप्ती कर छत्तीसगढ़ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है l हालांकि मुुख्य तस्कर अब भी पुलिस की पकड़ के बाहर है, पर पुलिस शीघ्र ही उन्हें पकड़कर कार्यवाही करने की बात कह रही है l मामला मरवाही थाने का है जहां भर्रीडाढ़ निवासी चंद्रभान ने पास के गाव डठोरा निवासी मथुरा प्रसाद को बात कर 16 नग मवेशी लगभग 8 किलोमीटर दूर पीपरडोल गाव तक पहुचाने की बात की, जहा उसके दो और आदमी मवेशियों की सुपुर्दगी लेने के लिए मौजूद थे l
जैसे ही मथुरा प्रसाद अपने एक अन्य नाबालिक साथी मजदूर के साथ पिपरडोल पंहुचा तभी स्थानीय पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और पूछताक्ष शुरू की तो उन्होंने बताया की मवेशी इन्ही दोनों को सुपुर्द किया जाना है l जो कागजात लेने है, इनसे ले लीजिये l जिस पर पुलिस और वहां मौजूद सुपुर्दगी लेने वाले लोगो ने उन मवेशियों को मरवाही तक पहुचाने की बात कही, जिस पर दोनों ने मवेशियों को लेकर मरवाही पहुचे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें थाने में बैठा लिया है और पूछताछ शुरू कर दी है l
मौके पर उनके पास ग्राम झाबर से जारी की गयी मवेशी खरीदी बिक्री रसीद के अलावा ना तो पशु चिकित्सा अधिकारी का सर्टिफिकेट मिला और ना ही पंजीकृत व्यापारी की रसीद और ना ही उस मार्ग का जिक्र था जहाँ से उसे ले जाया जा रहा था l इसके साथ ही मवेशी ले जाने की सुचना भी थाने में नहीं दी गयी थी l उसके बाद पुलिस द्वारा पकडे गए आरोपियों पर छत्तीसगढ़ पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओ के तहत कार्यवाही कर रही है l साथ ही उनके बयान के आधार पर बाकी लोगो पर भी कार्यवाही की बात कह रही है l
ज्ञात हो की पेंड्रा अनुविभाग के ग्रामीण इलाको में पशु तस्कर काफी समय से बड़ी संख्या में मवेशियों की तस्करी करते रहे है l छत्तीसगढ़ पशु क्रूरता अधिनियम लागु होने के बाद से हो रही कड़ी कार्यवाही एवम परिवहन में लिप्त ट्रकों के राजसात की कार्यवाही के बाद से मवेशी तस्कर स्थानीय मजदूरो की मदद से मवेशियों को छत्तीसगढ़ बॉर्डर पार कराते है और वहां ट्रको में लोड कर कत्लखाना ले जाते है l इस मामले में भी पुलिस की कार्यवाही संदेह के घेरे में है l अगर आरोपियों की माने तो जब उन्होंने पशुओ की सुपुर्दगी पीपरडोल में सम्बंधित लोगो को दे दी थी और पुलिस को सभी लोग मौके पर मिल गए थे और सभी को थाने लाया भी गया था तो उन्हें छोड़ा क्यों गया और सिर्फ मजदूरो पर ही क्यो कार्यवाही की गई l जबकि सभी तस्कर मौके पर मौजूद थे l