होशंगाबाद - खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने आज होशंगाबाद जिले में रबी उपार्जन वर्ष 2018-19 की संभागीय समीक्षा की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे रबी उपार्जन वर्ष में नये नये उपार्जन केन्द्र बनाएं यदि किसी उपार्जन केन्द्र में 800 किसान पंजीकृत हैं तो उस उपार्जन केन्द्र को मतदान केन्द्र की तरह क, ख, ग में बांटें और हर उपार्जन केन्द्र में पर्याप्त अमला तैनात करें। साथ ही हर ग्राम पंचायत में उचित मूल्य की दुकान अनिवार्य रूप से खोली जाए।

              प्रमुख सचिव ने कहा कि यदि शासकीय उचित मूल्य दुकान उपभोक्ताओं को अच्छी सेवाएं नहीं दे रहा है तो उस शासकीय उचित मूल्य दुकान का लाइसेंस निरस्त कर महिला स्वसहायता समूह को दुकान संचालन हेतु दे दी जाए। श्रीमती राव ने कहा कि नये उपार्जन केन्द्र जब बनाए जाए तब लाजिस्टिक का विशेष ध्यान रखा जाए यदि गौदाम चैक किया जा रहा है तो अनिवार्य रूप से गेहूं की बोरियां भी चैक की जाएं और उपार्जन केन्द्र भी चैक किया जाए। उन्होंने कहा कि जब भी किसान अपना गेहूं उपार्जन केन्द्र में लाए तो सर्वप्रथम उसे छलनी से अनिवार्य रूप से छाना जाए और इस बात का पूर्व से ही प्रचार-प्रसार कर किसानों को समझाइश दी जाए कि वे अपना गेहूं उपार्जन केन्द्र में लाने से पहले अच्छी तरह से साफ कर लें। 

             प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्ष 2017-18 की फसल में ही ई-उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रूपए निर्धारित किया गया है। उन्होंने लैण्ड रिकॉर्ड का डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए और कहा कि भू-अभिलेख में लिंकिंग एवं मैपिंग का कार्य हर स्थिति में हो। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे किसानों की जमीन का भू-अभिलेख सत्यापन अनिवार्य रूप से करायें। उन्होंने कहा कि 15 मार्च के आसपास एक सूची जारी की जा रही है। इस सूची के अनुसार जिले के एवं विभाग के रिकॉर्ड में मेल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य रूप से देखा जाए कि भू-अभिलेख में जो एंट्री हो रही है वो शतप्रतिशत सही हो।

            प्रमुख सचिव ने गेहूं उपार्जन परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की और बताया कि हरदा में 6 सेक्टर में परिवहन कार्य हेतू लीड स्वीकृत हो चुकी है। वहीं होशंगाबाद में 9 एवं बैतूल में 2 में लीड स्वीकृत की गई है। होशंगाबाद में 128 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। वहीं हरदा में 86 एवं बैतूल में 62 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। प्रमुख सचिव ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे उपार्जन केन्द्रों पर नमी मापक यंत्र, परखी, ईनेमल प्लेट, इलेक्ट्रोनिक बैलेंस, गोल्ड स्मिथ बैलेंस 500 ग्राम तक तोल हेतु, प्लास्टिक की थैलियां, कपडे की थैलियां, चपड़ा, मोमबत्ती, माचिस, एजेंसी की पीतल की सील तथा छन्ना अनिवार्य रूप से रखवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने धर्म काँटों के सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए। बताया गया कि होशंगाबाद में भण्डारण के लिए 28 गोदाम हैं इसमें 28 समितियां संलग्न हैं।

           प्रमुख सचिव श्रीमती राव ने कृषकों को भुगतान में हो रहे विलंब पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि किसानों को अधिकतम 3 दिन में भुगतान कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए समितियों के पास नियमित साख सीमा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को एसएमएस से सूचना देनी की प्रक्रिया का केन्द्रीयकरण किया गया है। इस वर्ष भी सबसे पहले छोटे किसानों को गेहूं बेचने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही किसानों को गेहूं बेचने के लिए 2 तारीख दी जाएगी। ताकि किसान यदि दिए हुए एक तारीख में उपार्जन केन्द्र नहीं आ पाता है तो वह दूसरी तारीख को उपार्जन केन्द्र आ जाए। 

          प्रमुख सचिव श्रीमती राव ने बायोमेट्रिक सत्यापन से जिले में हो रहे राशन वितरण की समीक्षा की। होशंगाबाद जिले में बायोमेट्रिक सत्यापन से 67 प्रतिशत राशन वितरण होने पर इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने सतर्कता समिति की बैठक हर माह कराने के निर्देश दिए। बताया गया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत होशंगाबाद में 10 हजार 7 नवीन कनेक्शन जारी किए गए हैं।

         नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने सभी कलेक्टर्स को गेहूं परिवहन व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम् संभाग में पात्र हितग्राहियों की आधार फीडिंग का कार्य 96 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। नवीन जोड़े गए परिवार की संख्या के मान से होशंगाबाद में 12 हजार 881, हरदा में 2 हजार 323 एवं बैतूल में 17 हजार 160 नवीन परिवार शामिल किए गए हैं।

       बैठक में म.प्र. वेयरहाउसिंग कॉरपोरेश्न के एमडी श्री राजीव चन्द्र दुबे, एमडी मार्केटिंग श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, कलेक्टर होशंगाबाद श्री अविनाश लवानिया, कलेक्टर हरदा श्री अनय द्विवेदी, कलेक्टर बैतूल श्री शशांक मिश्रा तथा सभी संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।