रेहटी  - हड़ताल, धरना प्रदर्शन का इस समय सीजन चल रहा है। जिससे जनता खासी परेशान नजर आ रही है। पहले संविदा शिक्षक, अतिथि शिक्षक उसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारी के हड़ताल पर चले जाने से जनता तो परेशान थी ही लेकिन अब सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से किसान हैरान परेशान है।

          २२ फरवरी से हड़ताल पर गए सोसायटीयों के कर्मचारियोंं के कारण रेहटी क्षेत्र की  अधिकांश सोसायटियों में ताले डल गए हैं। ऐसे में किसान अपना पंजीयन और आवश्यक काम कहां कराएं। जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेवा सहकारी समितियोंं के कर्मचारियो की मांगे है कि समिति कर्मचारियों को केडर, वेतनमान, स्थांतरण लागू होकर और कंप्यूटर ऑपरेटरो को सेवा नियम में लेकर राज्य शासन के कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए। यह अनिश्चितकालीन हड़ताल प्राथमिक कृषि शाख्य सहकारी समिति कर्मचारी संघ जिला सीहोर के आव्हान पर की जा रही है।

         जहां रेहटी क्षेत्र की ६ सोसायटीयों के ५० से ६० कर्मचारी २२ फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल में सीहोर मुख्यालय पहुंचकर अपनी मांगो को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। इधर सेासायटी कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से किसानो के हाल बेहाल है। कई किसानो के छूटे पंजीयन भी नही हो पा रहे हैं। क्योंंकि अधिकांश सोसायटीयों में कर्मचारी परमानेंट नही है। ऐसे में हड़ताल से कई सोसायटियों के भवनो में ताले डल गए हैं। जिला सहकारी बैंक रेहटी की सोसायटी रेहटी, चकल्दी, बोरधी, सोयत, मरदानपुर, मांजरकुई के किसान परेशान नजर आ रहे हैं। 

समर्थन मूल्य खरीदी में आएगी भारी परेशानी -
 
        समिति के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से और उनकी मांगे पूरी नही होती है तो और हड़ताल लंबी चलती है तो माह मार्च में शुरू होने वाली समर्थन मूल्य खरीदी शुरू नही हो सकेगी। क्योंंकि समितियों के कंप्यूटर ऑपरेटर भी हड़ताल पर होने से किसानों को एसएमएस खरीदी केंद्र से कौन भेजेगा। ऐसे में खरीदी शुरू नही होना सुनिश्चित माना जा रहा है। 

समिति में परमानेंट कर्मचारी पर्याप्त नही -

        समिति में इक्का दुक्का कर्मचारी ही परमानेंट है। और काम इन संस्थाओंं में इतना अधिक है कि एक कर्मचारी इतनी बड़ी संस्था नही संभाल सकता है। ऐसे में जिला सहकारी बैंक इन परमानेंट कर्मचारियों से किसानो के काम करा रही है। जो ऊंट के मुहं में जीरा के  समान है। 

रघुवीर मालवीय, मैनेजर जिला सहकारी बैंक रेहटी के अनुसार - समिति के कर्मचारियोंं के हड़ताल पर चले जाने के बाद समिति में जो परमानेंट कर्मचारी है उन्हीं से किसानों के काम कराए जा रहे हैं l