उमरिया(मानपुर) - देश के हर गरीब और आवासहीन को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, और सरकार इसके लिए हितग्राही के सीधे बैंक खाते में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की राशि डालकर लाभान्वित कर रही है l इसके लिए ग्राम पंचायतों को योजना के सत्यापन के लिए अधिकृत किया गया है l लेकिन पंचायत के रोजगार सहायक प्रधानमंत्री के सपनो पर कैसे पानी फेरते हैं इसका जीता जागता उदाहरण जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मुंगवानी में देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत मुंगवानी के रोजगार सहायक द्वारा बिना पैसे लिए कोई भी काम नही किया जाता है । ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक की मनमानी से पूरा गांव परेशान है रोजगार सहायक से त्रस्त होकर ग्रामीणों रोजगार सहायक द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत करने जिले के मुखिया के पास पहुंच गए है । ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत मानपुर की ग्राम पंचायत मुंगवानी के रोजगार सहायक दीपनारायण चतुर्वेदी द्वारा पंचायती कार्यों सहित मनरेगा और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में जमकर धांधलेबाजी की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों से आवास के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
गत दिनों जिले के मुखिया को किये गये शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने रोजगार सहायक वर्तमान प्रभारी सचिव पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना लाभ के नाम पर ग्राम पंचायत मुंगवानी के रोजगार सहायक दीपनारायण चतुर्वेदी द्वारा शासकीय योजनाओं में जमकर अनियमितता की जा रही है । गांव के कई ऐसे मेढ़ बंधान हैं जिसमे कार्य मौके पर नही किये गए हैं और उसकी राशि निकल चुकी है। अगर मौके पर समस्त कार्यों का भौतिक सत्यापन हो तो कई चौकाने वाले तथ्य प्याज के छिलके के समान परत दर परत खुलते नजर आएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही पूजा उर्फ कपसी चतुर्वेदी, दुअसिया बाई, सहित कई हितग्राहियों ने कलेक्टर से कार्यवाही की मांग की है । ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सहायक सचिव दीपनारायण चतुर्वेदी के द्वारा की जा रही धांधले बाजी की शिकायत कई बार जनपद सीईओ प्रभाष राज घनघोरिया को की जा चुकी है l लेकिन ढाँक के तीन पांत वाली कहावत चरितार्थ हो रही है । ग्रामीणों ने कहा कि पंचायती कार्यो में लंबे अर्से से रोजगार सहायक द्वारा की जा अनियमिताओं और फर्जी कारनामो की शिकायत कई बार क्षेत्रीय विधायक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई l जिससे इस क्षेत्र की जनता आगामी चुनावों में इसका सरकार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मुंहतोड़ जबाब देगी।
इस मामले में सबसे दिलचस्प बात सूत्रों के हवाले से उभर कर सामने आ रही है कि पंचायती कार्यों में धांधलेबाजी और भ्रष्टाचार को बढावा देने और अधीनस्थ कर्मचारियों को संरक्षण देने में मानपुर जनपद के सीईओ की मिलीभगत साफतौर पर उभर कर सामने आ रही है। बरहाल देखना होगा कि भ्रस्टाचारियों को कब तक जनपद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का संरक्षण मिलेगा। क्या वाकई ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का वाजिब लाभ मिलेगा या फिर से शिकायत को खुर्द बुर्द कर दफ़न कर दिया जाएगा।