जीरापुर - केन्द्र शासन द्वारा सन् 2011 में ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज के तहत  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सर्वे सूची में अनेकों अनियमितता की गई है जिसके परिणाम स्वरूप टूटे फूटे कच्चे मकानो के गाँव को सुची से पृथक रखा गया है । ऐसे गाँवो के नाम निकलकर अब सामने आने लगे हैं l 

           जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायत बरमनखेडी के दो गाँव सेंदली एवम काल्याखेड़ी का नाम  प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नही आने से ग्रामीणों ने रोष जताते हुऐ जिला जनसुनवाई में सरपंच प्रतिनिधि बालुसिह गुर्जर के नेतृत्व में शिकायत दर्ज कराई है l जिसमें सरपंच प्रतिनिधि गुर्जर के साथ दोनो ग्रामो के लगभग 40-50 ग्रामवासीयो ने बताया कि इस पंचायत के काल्याखेड़ी गांव में सब कच्चे टुटे फुटे मकान है l सर्वे 2011 की टीम ने पुरे गांव को ही शासन की हितग्राही प्रधानमंत्री आवास योजना से पृथक कर दिया है । जिससे ग्रामवासी परेशान है। उन्होंने जन सुनवाई में शिकायत दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगाई है ।

           इस मोके पर ग्रामवासी काल्याखेड़ी एवम सेंदली निवासी माँगीलाल पिता देविसिह भील, रोशन पिता रामलाल गुर्जर, दिवान पिता नारायण हरीजन, भगवान पिता बजेसिह गुर्जर, शारदाबाई पिता रौशन गुर्जर, दिनेश पिता माँगीलाल, रामलाल पिता मेहताब गुर्जर, गोपाल पिता नन्दा भील ,फुलसिह ,चैनसिह ,लालसिग , देवीलाल इत्यादि ने कहाँ कि हमारे कच्चे मकान देख ले हमें आवास उपलब्ध कराये ।

          गौरतलब है कि गाँव काल्याखेड़ी में 80 घर है सभी कच्चे है जब सर्वे 2011 में अनियमितता कर मात्र 02 नाम जुड़े थे लेकिन टारगेट में पुरा गाँव काल्याखेड़ी ,सेंदली शुन्य रहा है । जबकि  शासन हितग्राही मूलक योजना का ढ़िंढ़ोरा पीटती रहती है ।