होशंगाबाद - नर्मदा पवित्र सर्वदा अभियान के तहत आज नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने जलवायु परिर्वतन क संदर्भ में नर्मदा के तटीय क्षेत्र के संरक्षण हेतु कार्यशाला की अध्यक्षता की। कार्यशाला में रिपेरियन जोन से संबंधित सभी नोडल अधिकारी, जनअभियान परिषद के पदाधिकारी, समस्त अनुविभागीय राजस्व अधिकारी मौजूद थे। कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे हर हाल में फरवरी माह तक रिपेरियन जोन में लगाये गए पौधों में सिंचाई करना सुनिश्चित करें।

             उन्होंने कहा कि कुछ संस्थाओं ने सिंचाई हेतु मोटर पंप दिए हैं उन मोटर पंपों को संबंधित तटवर्तीय क्षेत्रों में भेजा गया है जहां इन मोटर पंप के द्वारा रिपेरियन जोन में सिंचाई की जा रही है। कमिश्नर ने कहा कि जो संस्थाएं मोटर पंप दान करना चाहती हैं तो उस संस्था से मोटर पंप 3 साल के लिए ले लिया जाए। 3 साल बाद मोटर पंप वापस कर दिया जाए। कमिश्नर ने बताया कि बाबई में ग्रामीणों ने स्वयं का पैसा लगाकर मोटर पंप खरीदा है। श्री उमराव ने सभी को हिदायत दी कि वे अभी से सिंचाई करना सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा कि यदि अभी से जुट कर रिपेरियन जोन में सिंचाई नहीं की गई तो पौधों की स्थिति दयनीय हो जाएगी।

            उन्होंने बताया कि 10 संस्थाएं मोटर पंप देने के लिए तैयार हैं। श्री उमराव ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम रिपेरियन जोन के रास्तों पर तार फेंसिंग या बागुड लगा दें जिससे पौधे सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि इस अभियान में ग्रामीणों की सतत भागीदारी की आवश्यकता है। इस अभियान से ग्रामीणों की आस्था जुडी हुई है तो हमारा दायित्व है कि उनकी आस्था हमारी वजह से खत्म ना होने पाए। कमिश्नर ने बताया कि शीघ्र ही रिपेरियन जोन का पोर्टल व वेबसाइट बनाई जाएगी। इसमें नर्मदा परिवार के साथ आयोजित बैठकों, नर्मदा परिवार की संख्या व रिपेरियन जोन में किए जा रहे कार्यों को प्रतिदिन अपलोड किया जाएगा।

           श्री उमराव ने कहा कि नर्मदा परिवार में यह सुनिश्चित किया जाए कि परिवार में गांव का व्यक्ति शामिल रहे साथ ही शासकीय सेवा से जुडे व्यक्ति भी इसमें शामिल रहें। उन्होंने कहा कि यदि किसी नोडल अधिकारी को लगता है कि नर्मदा परिवार में कोई परिवर्तन करना चाहिए तो वे परिवर्तन करें साथ ही किसी को भी जबरदस्ती नर्मदा परिवार में शामिल ना करें। कमिश्नर ने नर्मदा परिवार में आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, कोटवार, पटवारी, स्वयंसहायता समूह के सदस्य सहित अन्य शासकीय सेवा से जुडे लोगों को रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपेरियन जोन में कौन सी प्रजाति के पौधे लगे हैं, सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं एवं वर्तमान स्थिति में पौधों की क्या स्थिति है इसकी कार्ययोजना अपडेट रहे। सभी एसडीएम एवं जनअभियान परिषद जनपद स्तर पर बैठकें लेना प्रारंभ कर दें। जिला पंचायत अपने सरपंच सचिव की बैठकें लें।

          कमिश्नर ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम माँ नर्मदा के पुराने वैभव को वापस लाने में जी जान से जुट जाएं क्योंकि आज जो नर्मदा की स्थिति है आने वाले 10 वर्षों में यह स्थिति भी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें माँ नर्मदा की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने रिपेरियन जोन के वाट्सएप ग्रुप में रिपेरियन जोन से संबंधित  गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्था रिपेरियन जोन का भ्रमण करना चाहे तो नोडल अधिकारी उन्हें उस क्षेत्र का भ्रमण करवा दें। गांव के हर व्यक्ति को इससे जोडने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमें स्थानीय स्तर पर नेतृत्व का विकास करना होगा।

         कमिश्नर ने सभी से कहा कि हम माँ नर्मदा को जिन कारणों से पवित्र मानते थे उन कारणों को पुन: जीवित करना है और यही हमारे अभियान का उद्देश्य है। नर्मदा के पानी के साथ साथ नर्मदा की पुरानी पवित्रता को भी जीवित रखना है। कमिश्नर ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जब भी गांव में जाएं तो ग्रामीणों को 70 से 80 साल पुरानी वनस्पति एवं औषधीय पौधों के बारे में अनिवार्य रूप से बताएं साथ ही उन्हें बताएं कि हमें तटवर्तीय क्षेत्र के जलीय जीवन तथा पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन को बनाए रखना है ।

        जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पीसी शर्मा ने कहा कि एक साल से हम इस अभियान में लगें हैं किंतु कमिश्नर के ह्मदय में रिपेरियन जोन को लेकर जो पीड़ा है वह हमारे दिलों में भी होनी चाहिए। यदि हम आज रिपेरियन जोन को हरा-भरा नहीं कर सके तो कभी भी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि हम इस अभियान को साधारण रूप में नहीं अपितु एक अभियान के रूप में लें। गांव में भी 10 से 12 लोगों का ग्रुप बनाएं जो गांव में जाने पर हमें मिल सके। जिला संयोजक जनअभियान परिषद श्री कौशलेष तिवारी ने कहा कि हम सामूहिक चर्चा गांव में करें और नर्मदा परिवार को शामिल करते हुए नुक्कड़ बैठकें करें। इन बैठकों में महिलाएं एवं बच्चों को भी अनिवार्य रूप से बुलाया जाए। यदि कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस अभियान में शामिल होना चाहता है तो उसे अभियान में शामिल करें। श्री तिवारी ने कहा कि पिछले वर्ष हमने जितने पौधे एवं बीज लगाये थे इस वर्ष भी उतने ही पौधे एवं बीज लगाएंगे।