बिलासपुर/मरवाही - आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अपनी दुर्दशा से शिक्षकों के अभाव में आंसू बहा रहा है l जिला स्तर पर 12 करोड़ की लागत से बने एक मात्र विद्यालय भवन में एक भी नियमित शिक्षक पदस्थ नही है l पिछले 5 वर्षों से संचालित इस विद्यालय में 30 शिक्षकों का सेटअप होना चाहिए पर शासन ने अभी तक विधार्थियों के भविष्य को लेकर शिक्षकों की कोई व्यवस्था नही की है l नतीजतन जिले के अलग-अलग स्थान से मेरिट लिस्ट पर चयनित होकर आवासीय शिक्षा ले रहे 120 बच्चो का भविष्य अंधकार मय हो रहा है l
व्यवस्था के नाम पर दूसरे स्कूलो से अटैचमेंट कर लाये गए 3 शिक्षक भी बायोमेट्रिक्स स्कैनर सिस्टम आने की वजह से अपनी मूल शाला मे जाने को मजबूर है l शिक्षा को लेकर सरकार के स्लोगन बड़े लोक लुभावने हें करोड़ो के इस सेटअप को शासन ने अब तक शिक्षक विहीन रखा है भवन तो काफी आकर्षक बना दिया पर पर व्यवस्था कुछ नहीं दी वही इससे पहले छत्तीसगढ़ शासन ने माडल स्कूल को निजी हाथो मे देकर पहले ही एक सरकारी योजना पर पलीता लगया है और अब एकलव्य स्कूल भी उसी राह पर है l
इनका कहना है -
जिला शिक्षा अधिकारी -
पूरी व्यवस्था आदिम जाति कल्याण विभाग की है उन्हे शासन स्तर पर इसका सेटअप तैयार करना था परंतु चूकी शिक्षा की बात है तो हमने प्रारम्भिक व्यवस्था की है , अगर कोई व्यवस्था चेंज की बात होगी तो छात्र हित मे निर्णय लिया जाएगा l
जिला कलेक्टर -
शासन की ओर से जब सेटअप मिलेगा तो व्यवस्था दी जाएगी फिलहाल पुरानी व्यवस्था से काम चलाया जाएगा l