भोपाल - मध्यप्रदेश में किसान आक्रोशित है l प्रदेश के किसी न किसी हिस्से से किसानों के धरना प्रदर्शन की खबरें रोज सुनने में मिल ही जाती हैं l दरअसल किसानों की बहुत सी समस्याएं हैं जिसको लेकर किसान शिवराज सरकार के खिलाफ लामबंद हुआ है l खासकर प्रदेश सरकार की भावान्तर योजना का ख़ासा विरोध देखा जा रहा है l
किसानों को साधने की सरकार द्वारा नाकाम कोशिश
सरकार की तरफ से भी चुनावी वर्ष में किसानों को साधने की पुरजोर कोशिश की जा रही है l इसी तारतम्य में १२ फरवरी को भोपाल के जम्बूरी मैदान में किसान महासम्मलेन का आयोजन किया गया, जहाँ भावान्तर योजना के अंतर्गत किसानों को भुगतान किया जाना था l किसान महासम्मेलन के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थी l इसके लिए बड़ा पंडाल ओर बड़ी संख्या में किसानों के आने के दावे के साथ बैठक व्यवस्था बनाई गई थी l
शिवराज की भावान्तर से किसान छूमन्तर
पर सरकार की उम्मीद पर कुठाराघात करते हुए किसानों ने इस सम्मलेन से दूरी बनाई ओर कुछ इक्का-दुक्का किसान ही इस महासम्मेलन में पहुंचे l इस बात से साफ़ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि शिवराज सरकार से किसानों का मोह भंग हो गया है l भावान्तर योजना की विसंगतियां ओर बिचौलियों की भूमिका किसानों के आक्रोश को ओर बढ़ा रही हैं जो शिवराज सरकार के लिए गले की हड्डी बन गया है l
किसान महा सम्मलेन की खाली कुर्सियां चीख-चीखकर यह बयान कर रही थी कि अब किसान जाग गया है ओर पिछले १५ वर्षों में हुए अपमान ओर अत्याचार का बदला लेने के लिए तैयार है l