बैतूल - जिले में औद्योगिक विकास के लिए बैतूल के कोसमी और भग्गूढाना के औद्योगिक क्षेत्र में नए उद्योग लगाने उद्योग विभाग के द्वारा 48 भूखंड आवंटित करने के लिए की गई गड़बड़ी उजागर होने के कारण कमिश्नर ने पूरी प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। ऑनलाइन पंजीयन कराकर प्लाट आवंटित करने की प्रक्रिया में हर स्तर पर चहेतों को लाभ देने के लिए नियम कायदों को ताक पर रखा गया था। जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और बैतूल विधायक ने मामले को उठाया और जांच की मांग की थी। उद्योग विभाग के कमिश्नर ने 2 सदस्यों की टीम बनाकर पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कराई और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाए जाने के कारण प्रक्रिया को निरस्त कर दिया।

उद्योग विभाग के आयुक्त वी.एल.कांताराव द्वारा 5 फरवरी को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जनवरी माह में अपनाई गई भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को निरस्त किया जाता है। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक को आदेश दिए गए हैं कि नए सिरे से भूमि आवंटन की प्रक्रिया पुनः अपनाई जाए। इसके साथ ही पूर्व के सभी आवेदकों जिनके आवंटन निरस्त किए गए हैं उन्हें जमा राशि वापस की जाए।

188 लोगों ने किए थे आवेदन

बैतूल के कोसमी और भग्गूढाना में स्थित 48 प्लाट लेने के लिए जिले भर के 188 लोगों ने अपने ऑन लाइन आवेदन पत्र जमा किए थे। दोनों क्षेत्रों में कुल 14.49 एकड़ भूमि पर 3 मध्यम, 18 लघु और 27 सूक्ष्म उद्योग प्रारंभ करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस प्रक्रिया में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्दीक पटेल ने आरोप लगाया था कि जिला उद्योग केन्द्र के जीएम द्वारा साजिश रचकर भग्गूढाना औद्योगिक क्षेत्र के भूखंडों को अचानक ऑन लाइन पोर्टल पर दर्ज कर आवंटन की प्रक्रिया कर दी। उद्योग विभाग के द्वारा भग्गूढाना क्षेत्र में अपने चहेतों को लाभ देने की नियत से बिना नक्शा काटे ही आवंटन की प्रक्रिया में भूखंडों को शामिल किया है।


सर्वर ठप होने के बाद भी जमा हो गए थे आवेदन

औद्योगिक क्षेत्र में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर नए उद्योग लगाने के लिए जमीन आवंटन करने की ऑन लाइन प्रक्रिया अपनाई गई थी। पहले ही दिन करीब 4 घंटे तक सर्वर ठप रहा और आवेदन जमा ही नहीं हो पाए। जैसे ही सर्वर प्रारंभ हुआ तो अचानक थोक में आवेदन जमा दिखाने लगे थे। इसे लेकर भी लोगों में प्रक्रिया के पारदर्शी होने पर संदेह हो रहा था। इतना ही नहीं भग्गूढाना के भूखंडों को आवंटित करने की जानकारी सार्वजनिक ही नही की गई थी जिससे प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे थे।

जांच दल ने खंगाली गड़बड़ी

विधायक हेमंत खंडेलवाल और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्दीक पटेल के द्वारा की गई शिकायत पर गठित की गई जांच टीम ने बैतूल पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए थे। उद्योग विभाग के उप सचिव धनंजय भदौरिया और उपसंचालक एमके द्विवेदी की टीम ने बैतूल पहुंचकर मामले की पड़ताल की और शिकायतकर्ताओं से पूछताछ कर दस्तावेज भी जुटाए थे। इस जांच टीम के द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर सोमवार को उद्योग विभाग के कमिश्नर ने पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया।