होशंगाबाद - नगर की सीबीएसई संस्था में पढ़ने वाली बीपीएल कार्ड धारी आर. टी. ई. की एक छात्रा को स्कूल प्रबंधन ने मनमानी के चलते स्वयं के वाहन से स्कूल आकर शिक्षा हासिल करने को मजबूर कर रखा है l जानकारी के मुताबिक महिमानगर निवासी जान्हवी केजी २ की छात्रा है l  स्कूल से जान्हवी के घर की दूरी लगभग 3 किमी. है संस्था द्वारा स्कूल बस और मैजिक से विद्यार्थियों को स्कूल आने जाने की सुविधा उपलब्ध कराइ जाती है l लेकिन छात्रा जान्हवी जो संस्था मे अध्यनरत है लेकिन बस सुविधा से महरूम है l सवाल यह उठता है यदि स्कूल बस महिमा नगर आती है तो स्कूल प्रबंधन आनाकानी क्यों कर रहा है l केजी २ की छात्रा को स्कूली सुविधा से क्यों वंचित किया जारहा है यह विचारणीय है l 

एक और तो एमपी में लगातर हेट्रिक लगा रही भाजपा सरकार बेटी पढाओ की बात कर रही है दूसरी और निजी विद्यालयों की मनमानी बरकरार है l क्या ये दावे हवाई दिखावे हैं l सूत्रों की माने तो बच्चों की शिक्षा पर होने वाले महंगे खर्चे को लेकर अभिभावक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं l आये दिन खर्चीले नीयम थोपे जा रहे है l स्कूल के निजी महोत्सवों तक में बच्चों से रूपये ऐंठे जा रहे है l एक दो दस प्रायवेट संस्था की बात नहीं बल्कि कई निजी विद्यालयों ने शिक्षा के अधिकार को कमाई का व्यापार बना रखा है l ऐसे हालातो के चलते आर टी ई के नीयमों का पालन कैसे संभव है यह अपने आप में अहम् सवाल है l