भारतीय मजदूर संघ का बजट विरोध क्या भाजप की दिखावे की नौटंकी है ? सामान्य कामगार, किसान, छोटे दुकानदार, सभी १०० करोड़ की बहुसंख्य जनता बनिया सरकार की ग्राहक बनकर स्वयं को ठगा महसूस कर रही है l भारतीय तेल उत्पादक अपना उत्पाद आयातित दर से बेचकर जो ज्यादा मुनाफा कमाते हैं वह सरकार के लाभ में जाता है या सरकारी फंड में डोनेशन में ?

विचारणीय प्रश्न है! मुंबई महाराष्ट्र समुद्र किनारे होकर भी पेट्रोल डीजल महंगा बेचा जाता है l किसानों को उत्पाद बेचने के केंद्र साल भर खुला रखा जाय l भण्डारण,संरक्षण,ट्रांसपोटेशन का खर्चा जोड़कर बिचौलिये जमाखोरी,कालाबाजारी करने वालों पर रोक लगाने लगत का डेढ़ गुना मूल्य तय करने वाली सरकार मूल्य भी देशभर में सामान दर घोषित करे l और  किसानों (अन्नदाताओं) का EPF 10% काटना आरम्भ करे l राष्ट्रीय प्रवक्ता-अखिल भारत हिन्दू महासभा