अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी के अनुसार हां, अमरवीर पंडित नथुराम गोडसे जी ने नेहरू के गुलाम बने बैरिस्टर गांधी का निकट से नमन कर वध किया। परंतु क्या? ट्रांस्फ़र ओफ पॉवर एग्रीमेंट के अनुसार पुर्व- पश्चिम पाकिस्तान को जोडनेवाला लाहोर- ढाका कॉरिडोअर व्हाया दिल्ली कॉंग्रेस ने स्विकार नहीं किया था? कश्मिर पर पाकिस्तान के योजनाबद्ध आक्रमण के बाद भी उसे आर्थिक रूप से सशक्त करने विभाजन के हिसाब के शेष बचे रूपये देने के लिये अनशन करने बैठे गांधी और रोक लगानेवाले गृहमंत्री सरदार पटेल गांधी हठ से त्रस्त नहीं थे? बिड़ला हाऊस में प्रार्थना सभा पुर्व सरदार पटेल का पहुंचना और निराश होकर निकले सरदार पटेल क्या कॉरिडोअर के लिये अनशन करने जा रहे गांधी को परावृत्त करने नहीं गएं थे? स्व.इंदिराजी ने भविष्यत कॉरिडोअर बंद करने के उद्देश्य से बांग्लादेश नहीं स्वतंत्र किया? केवल राजपाट के लिये, ब्रिटिश हस्तक नेहरू परिवार ने देश से गद्दारी और गांधी से बेईमानी नहीं की? प्रधानमंत्री रहते नेहरू हत्या रोक नहीं सकते थे? पटना में कॉंग्रेस विसर्जन की मांग करनेवाले गांधी को अकेला छोड देना या गृहमंत्री के गांधी भेट के पश्चात पटेल की सुचना पर दो पुलिस अधिकारीयों का गोली चलने के पश्चात पहुंचना! क्या दर्शाता है? सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी? गांधी वध में, नेहरू- पटेल- मोरारजी समान भागिदार है!
प्रमोद पंडित जोशी राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिल भारत हिन्दू महासभा द्वारा प्रकाशनार्थ