जानकारी के मताबिक नगर के रसूलिया क्षेत्र में संचालित मात्रछाया मूक बधिर विद्यालय एक समाजसेवी संस्था द्वारा विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन में इल्ली बताने पर कक्षा १०वीं की छात्रा-तपस्या के साथ मारपीट होने का सनसनी खेज़ मामला सामने आया है l
मामले के सम्बन्ध में देहात पुलिस विवेचना कर रही है l घटना के तुरंत बाद घायल तपस्या को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया था लेकिन सिर में गंभीर चोट होने की वजह से उसे अपना नर्मदा अस्पताल (प्रायवेट) में उपचार दिया जारहा है l
तपस्या के परिजनों की माने तो उनकी बच्ची के साथ संस्था में पहले भी स्टाफ द्वारा मारपीट करने की बात सामने आई है l तपस्या ने अपनी आपबीती बताते हुए मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया तो रोंगटे खड़े करदेने वाला वाक्य सामने आया l अम्मा और 3 लोगों ने मूक-बधिर छात्रा को कमरे में बंद करके बेरहमी से पीटा है जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी और दायाँ हाथ फेक्चर हो हुआ है l एक समाज सेवी संस्था की मानवीय क्रूरता के चलते मारपीट से बच कर तपस्या मकान के छत पर भागी थी l कयास लगाये जारहे है की संस्था की प्रताड़ना की वजह से तपस्या छत से कूदकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकती थी l
गौरतलब हो कि संस्था संचालक निर्मला माथनकर संस्था के अमले के साथ आज दोपहर तपस्या से मिलने हास्पिटल पहुंची थी l जब उन्होंने सहानुभूति दिखाते हुए तपस्या को पपीता दिया तो भयानक मंजर देख चुकी डरी-सहमी तपस्या की आँखों से आंसू निकल पड़े और तपस्या ने फल लेने से इंकार कर दिया l
बता दें कि अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक तपस्या से सहानुभूति के साथ मिलने पहुंची मात्रछाया की टीम द्वारा हास्पिटल में तपस्या के साथ दिखावटी सद्भावना के फोटो वीडियो भी संस्था ने बनाये हैं l तपस्या के व्यवहार को भांप चुकी संस्था को जब बात बनती समझ में न आई तो संचालिका निर्मला माथनकर ने पहले तो लेदेकर फिर तपस्या के परिजनों पर दबाव बनाते हुए रिपोर्ट वापस लेने की बात भी सामने आई है l