रेहटी कल 25 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावत के विरोध के स्वर गांवोंं और कस्वों में भी देखने को मिल रहा है। जबकि इन गांवों और कस्वोंं में कोई थियेटर भी नही है। इसके बाद भी रेहटी सहित 20 गांवों के सैकड़ो राजपूत समाज के लोगों ने अपनी एकता का परिचय देते हुए बुधवार को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम तहसीलदार राजेंद्र जैन को सौंपा। वहीं करणी सेना की राजपूत महिलाएं आज गुरूवार को करणी सेना की जिला प्रभारी अन्नपूर्णा सिंह परमार के नेतृत्व में महिलाएं रेहटी मालीबायां बंद कराएंगी। राजपूत समाज ने ज्ञापन के हवाले से बताया कि संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म पद्मावत में फिल्मांकन के दौरान दर्शाये गए दृश्यों में राजपूत समाज की गौरवशाली परंपराओं, मर्यादाओं, रीति रिवाजों और सामाजिक मूल्यों पर कुठाराघात किया गया। जिससे समाज के लोगों की सामाजिक एवं धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। साथ ही उक्त फिल्म में हमारे गौरवशाली इतिहास के तथ्यों को तौड़ मरोडक़र प्रस्तुत करने से भी हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है। पद्मावत फिल्म प्रदर्शित होने की स्थिति में समाज में असंतोष फैल सकता है। जिससे वर्तमान सामाजिक परिवेश में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है। अत: फिल्म का प्रदर्शन रूकवाएं।कल राजपूत समाज की महिलाएं बंद कराएंगी रेहटी मालीबायां करणी सेना की जिला प्रभारी अन्नपूर्णा सिंह परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कल गुरूवार को फिल्म की रोक की मांग को लेकर रेहटी मालीबायां बंद कराया जाएगा। जिसमें करणी सेना की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। बंद का आव्हान करणी सेना की जिला प्रभारी अन्नपूर्णा सिंह परमार के नेतृत्व में किया जाएगा।
पद्मावत का विरोध रेहटी मैं सौंपा ज्ञापन