सिहोर रेहटी ग्राम मालीबायां तिराहे पर तहसील विधिक सेवा समिति बुदनी ने सडक़ सुरक्षा जीवन रक्षा को लेकर सुरक्षा जीवन का अर्थ, सुरक्षा के बिना सब व्यर्थ को लेकर मजिस्टे्रट आदित्य रावत, एसडीओपी महेंद्र मीणा, थाना प्रभारी रजनीकांत दुवे, एडवोकेट गोविंद रघुवंशी, सुनील दुवे, चंद्रकिशोर यादव, सुमेर सिह मुकाती, योगेश पांडे, आशिष मंडलोई की उपस्थिति में वाहन चालकों को समझाईस दी गई कि वाहन चलाते समय मोबाईल फोन के इस्तेमाल से हमारी ५० प्रतिशत इंद्रियों का ध्यान बंट जाता है। वाहन चलाते समय अच्छी गुणवत्ता के हेलमेट का प्रयोग करने से सिर पर चोंट लगने की संभावना करीब ८० प्रतिशत कम हो जाती है। जागरूक और होशों हवास में वाहन चलाने पर दुर्घटना की संभावना ८० प्रतिशत कम हो सकती है। वाहन मालिक अथवा इनचार्ज की जिम्मेदारी है कि किसी भी व्यक्ति को बगैर ड्रायविंग लाईसेंस के गाड़ी नही चलाने दें। ऐसा करना एमव्ही एक्ट की धारा १८० के तहत अपराध है। जिसमें ३००० रूपए तक का जुर्माना या ३ माह का कारावास अथवा दोनो हो सकता है। वाहन का पंजीकरण नंबर लेना तथा वाहन के नंबर प्लेट निर्धारित पेटर्न के अनुसार लिखवाना अनिवार्य है। बिना नंबर अथवा बिना पेटर्न के नंबर की प्लेट लगाकर एमवी एक्ट की धारा १९२ के तहत अपराध है। जिसमें अधिकतम ७००० तक का जुर्माना हो सकता है। शराब के नशे में वाहन चलाना एमवी एक्ट की धारा १८५ के तहत अपराध है। जिसमें ६ माह का कारावास अथवा २०० का जुर्माना या दोनो हो सकते हैं। क्या आप जानते हैं मोटरसाईकिल से होने वाली दुर्घटनाओंं के मामले में भारत का स्थान प्रथम है। भारत में रोड से घायल और मृत होने वाले व्यक्तियों की संख्या ४० प्रतिशत के लगभग मोटरसाईकिल सवार होते हैं। गंभीर रूप से घायलों में से ७६ प्रतिशत लोग चोटकारित होते हैं। ये आंकड़ा विकसित देशों के मुकाबले में २५ गुना ज्यादा है। डब्लू एच ओ की रिपोर्ट के अनुसार १५ से २९ वर्षीय नवयुवकों की अकाला मौत का सबसे बड़ा कारण रोड एक्सीडेंट है। हेलमेट क्यों पहने बिना हेलमेट चलने वाले मोटरसायकिल सवार की मृत्यु का खतरा हेलमेट लगाकर चलने वाले व्यक्ति के मुकाबले २५ गुना ज्यादा होता है। हेलमेट चलाकर चलने वाले मोटरसाइकिल सवार के चेहरे पर आने वाली चोटो का खतरा दो तिहाई कम हो जाता है। हेलमेट मस्तिष्क की चोंट, अस्थि भंग एवं न्युरोलॉजिकल आयोग्यता को कम करता है।
रेहटी सुरक्षा जीवन का अर्थ इसके बिना सब कुछ व्यर्थ न्यायधीश आदित्य रावत जी