रेहटी -41 करोड़ की लागत से बना मालीबायां से वीरपुर 34 किमी तक का सडक़ निर्माण पूर्ण हो जाने से और इस मार्ग के बनने से रेहटी सहित 25 गांव के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। वहीं वीरपुर डेम और भोपाल जाने वालोंं के लिए वायपास रास्ता होने से अब लोग इस मार्ग से मात्र देड़ घंटे में भोपाल पहुंच रहे हैं। जबकि पहले ओबेदुल्लागंज होते हुए भोपाल जाना पड़ता था। जहां लोगों को 2 से ढाई घंटे का समय लगता था। पहले यह मार्ग उबड़-खाबड़ और क्षतिग्रस्त होने से यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थी। लोनिवि की देखरेख में बना करोड़ो के काम को हिलवेज कन्सट्रक्शन कंपनी प्रा. लि. भोपाल ने इसे पूर्ण किया है। जहां झोलियापुर से वीरपुर तक वन विभाग की जगह लेने के कारण कंपनी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोनिवि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में इस मार्ग को गुणवत्तायुक्त बनाया गया है। जिसकी गुणवत्ता सडक़ निर्माण से ही पता चल रही है। कंपनी को वन विभाग की जगह लेने में एक वर्ष का समय लगा। यह मार्ग एक वर्ष पहले ही पूर्ण हो जाता, लेकिन वन विभाग ने टू-लेन सडक़ बनाने के लिए जगह नही दी। बाईपास से भोपाल जा रहे हैं लोग मालीबायंा-वीरपुर टू लेन सडक़ पूर्ण होने से अब लोग वाईपास होकर भोपाल पहुंच रहे हैं। जहां उन्हे समय बचत के साथ दूरी भी कम पड़ रही है। इस मार्ग से भोपाल पहुंचने में मात्र ५५ किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। जबकि ओबेदुल्लागंज होते हुए ७५ किमी का। इस मार्ग से रेहटी सहित गांव मालीबायां, कोसमी, गेहूखेड़ा, बोरदी, खैरी, चकल्दी, बारदा, झोलियापुर, आमडो और आसपास के दो दर्जन से अधिक गांव को लाभ मिल रहा है। सडक़ तो बनी लेकिन झोलियापुर वेराज सडक़ पर पुल नही बरसात के दिनो में इस मार्ग से भोपाल भी आना जाना सुगम हो जाएगा। वहीं कोलार बेराज की सडक़ पर पुल बनना अनिवार्य था। जहां बरसात के दिनो में झोलियापुर डेम का पानी कोलार बेराज की सडक़ पर और कोलार नदी से निकलने पर भारी बारिश में यह मार्ग अवरूद्ध हो जाता है। इसलिए झोलियापुर बेराज सडक़ पर ग्रामीणों ने पुल की दरकार की है। मालीबायां-वीरपुर टू लेन सडक़ निर्माण में गुणवत्ता आने के बाद ही काम को आगे बड़ाया गया है। गुणवत्ता में कोई समझौता नही किया है। जो यह सडक़ बयां कर रही है। एसएल रोहिताश, उपयंत्री लोनिवि रेहटी
रेहटी 41 करोड़ के लागत से बनने वाले मालबीय से वीरपुर के बनने वाले रोड से रेहटी सहित25 गांवों को मिलेगी आवगमन की सुविधा