पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी तीन तलाक हो रहे थे l इसलिए तीन तलाक पर सजा का प्रावधान जरूरी था l उन्होंने कहा की हजरत उमर के जमाने में भी सजा दी जाती थी l उस समय ४० कोड़े मारे जाते थे, अगर आज किसी को ४० कोड़े मारे जाएँ तो उसकी पता नहीं क्या हालत होगी, इसलिए यह तीन साल की सजा का प्रावधान सही है l उन्होंने कहा कि अब तीन तलाक नहीं होगा तो गुजारा भत्ता की बात भी नहीं उठेगी l
तीन तलाक पर तीन साल की सजा का कानून सही है – आरिफ मोहम्मद खान