अखिल भारत हिन्दू महासभा ने कहा है कि हम जातीय विषमता को बढ़ावा देने वाली राजनीती को धिक्कार करते हैं l अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी के अनुसार प्रकाश अम्बेडकर जिस विचारधारा की बात कर रहे हैं वह बाबा साहेब अम्बेडकर की विचारधारा नहीं है l उन्होंने कहा की जिस प्रकार प्रकाश अम्बेडकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, जेएनयू के विघटनवादियों, बेमुला की माता, एवं जिग्नेश मेवानी को मंच पर आमंत्रित कर रहे हैं, उसे देखकर ही महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ने विशेष जाँच के आदेश दिए हैं और फिर प्रकाश अम्बेडकर द्वारा बंद को वापस लिया गया है l

           देश को भीम-भीम की और ले जाती प्रकाश अम्बेडकर की विपरीत विचारधारा से अवगत कराना होगा क्योंकि यह बाबा साहेब अम्बेडकर के विचार नहीं है l बाबा साहेब ने तो १५ मई १९३३ को कहा था कि - मुझमे और सावरकर में इस प्रश्न पर न केवल सहमती है बल्कि सहयोग भी है कि,हिन्दू समाज को एकजुट और संगठित किया जाए , और हिन्दू धर्म अन्य मजहबो के आक्रमणों से आत्मरक्षा के लिए तैयार किया जाये l 

(अखिल भरत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी द्वारा प्रेषित )