माचलपुर :- नगर को स्वच्छता सर्वेक्षण में नबर वन बनाने के लिये जहाँ नगर परिषद द्वारा लाखो रुपये खर्च कर नित्य नए उपाय किये जा रहे हैं और नगर में स्वच्छता के नाम पर स्कूल के छात्रों से लेकर समाज का हर वर्ग जुटा है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि गंदगी फैलाने वाले जानवरों को ही नगर में आने से नहीं रोका जा रहा है l नगर के हर प्रमुख चौराहों पर, गली मोहल्लों पर, सुवरो का ही साम्राज्य देखा जा रहा है l सूअर एक समूह में रहते हैं लगभग 8 से 10 सूअरों का समूह नगर के प्रमुख चौराहों पर देखने को मिलता है, जो गंदगी फैलाने के प्रमुख जिम्मेदार है l
अब तो नोबत यहा तक आ गई है कि सूअरों का झुंड लोगों के घरों में घुसने लगा है l कल की ही बात है नगर के नाना बाजार में आर. सी. जोशी के घर में चार से पांच सूअरों का झुंड घुस गया l बमुश्किल उन्हें भगाया गया l इसके पहले भी नगर के युवाओं द्वारा कई बार नगर परिषद को सुवरो को बाहर भेजने हेतु ज्ञापन दिया गया है, लेकिन नगर परिषद के सफाई कर्मियों द्वारा सिर्फ दिखावा करते हुए एक गाड़ी में सूअर भरकर नगर से बाहर भिजवा दिए जाते हैं, लेकिन उसके पश्चात कुछ ही दिनों में उससे दो गुने सूअर नगर में फिर से दिखाई देने लगते हैं, इससे तो यह स्पष्ट होता है कि कि नगर परिषद कार्यवाही के नाम पर केवल दिखावा कर रहा है l
दरअसल नगर परिषद के सफाई कर्मियों के ही सूअर पले हुए हैं l सफाई कर्मी एक तरफ सूअरों का व्यापार करते हैं, और दूसरी तरफ सफाई के नाम पर नगर परिषद से तनख्वाह भी लेते हैं l ऐसी परिस्थिति में उनकी दोगुनी आय हो रही है l सूअरों को पालने में उनका कोई खर्च भी नहीं हो रहा है, सूअर नगर में खुले आम घूमते हैं, जो अपने आप पल रहे हैं और नगर में गंदगी फैला रहे हैं l अब सवाल यह उठता है कि इस सबका जिम्मेदार कौन है ?