इटारसी में पुलिस और पत्रकारों की एक और पहल रंग लाई है l कचरा बीनने वाले गरीब माँ बाप की बेटी नेहा कुछ साल पहले तक खूब खेलती और घूमती थी, नाचती थी l एक दिन अचानक झूला झूलते समय वह गिर गई और गिरने के कारण उसके पैरों में चोट लग गई l पैरों में चोट लगने से घायल हुई नेहा अपने कचरा बीनने वाले माँ बाप से इलाज कराए जाने के इंतजार में और बीमार होती चली गई । जिससे उसके पैरों के जॉइंट इलाज के अभाव में जाम हो गए l

        गरीब माँ बाप मुश्किल से दो वक्त की रोटी कमा पाते हैं वह उसका इलाज नहीं करा पाये थे l नेहा अब घिसट-घिसट कर चलने को मजबूर थी l इस गरीब परिवार और मजबूर नेहा की खैर खबर लेने वाला कोई नहीं था l क्योंकि तथाकथित सभ्य समाज में तो कचरा बीनने वाले लोगों को इंसान ही नहीं माना जाता है l

       लेकिन कहावत है न की जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों l बस इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए पुलिस और पत्रकारों ने मिलकर नेहा के इलाज के लिए आवश्यक रूपये जुटाकर जयपुर स्थित नारायण सेवा संस्थान के लिए रवाना किया l जहाँ नेहा का आपरेशन किया जायेगा जिससे नेहा के फिर से अपने पैरों पर चलने की उम्मीद जाग गई है l

       समाजसेवी सुमन सिंह की मेहनत और देख रेख में नेहा के माता पिता के जरूरत के सभी दस्तावेज तैयार करवाए गए हैं l जिला कलेक्टर अविनाश लवानिया की सिफारिश पर नारायण सेवा संस्थान में नेहा का इलाज संभव हो सका है l एसडीओपी अनिल शर्मा, टी आई रामस्नेह चौहान सहित पुलिस कर्मचारियों, समाजसेवियों और पत्रकारों की इस पहल से नेहा को एक नया जीवन मिल सकता है l यह पहल मानवता के लिए एक मिसाल और सराहनीय है l