पुणे – महाराष्ट्र के पुणे में २०० साल पुराने युद्ध की बरसी को लेकर जातीय संघर्ष छिड़ गया है l यहाँ के भीमा-कोरेगांव में बरसी पर हुए एक कार्यक्रम के दौरान भड़की हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई घायल हो गए है l जगह-जगह हिंसक प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है l महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने न्यायिक और सीआईडी जाँच के आदेश दे दिए हैं l
इस बारे में मुख्यमंत्री ने कहा है कि भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की २०० वीं बरसी मनाने के लिए ३ लाख लोग आये थे l जिसको देखते हुए हमने पुलिस की ६ कंपनियां तैनात की थी l कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने के लिए हिंसा फैलाई है l न्यायिक जाँच के बाद कार्यवाही की जाएगी l
बतादें कि भीमा कोरेगांव की लड़ाई 1 जनवरी १८१८ को पुणे स्थित कोरेगांव में भीमा नदी के पास लड़ी गई थी l यह लड़ाई महारों-अंग्रेजों और पेशवा सैनिकों के बीच लड़ी गई थी l अंग्रेजों की तरफ से ५०० सैनिक थे जिनमे ४५० महार सैनिक थे, जिन्होंने पेशवाओं की २८००० सैनिकों वाली मराठा फौज को हरा दिया था l उस समय महार सैनिकों को इसके लिए सम्मानित किया गया था और कोरेगांव में एक स्मारक भी बनाया गया था l
नए साल पर इसी युद्ध की २०० वी बरसी मनाने के लिए बड़ी संख्या में आये दलित यहाँ जश्न मना रहे थे l वहीँ से हिंसा भड़की है और इस जातीय हिंसा की आग मुंबई और ओरंगाबाद तक पहुँच गई है l तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएँ हो रही है और हाईवे को जाम कर दिया गया है l ख़बरों के अनुसार कल महाराष्ट्र बंद का भी आह्वान किया गया है l