होशंगाबाद-  शासन की कल्याणकारी योजनाओं में स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपयोग किये जाने वाले अनुबंधित वाहनों के भुगतान में लेन देन को लेकर सामने आये भ्रष्टाचार पर श्रीमति निहारिका सिंह की अदालत ने अपना फैसला सुनते हुए ब्लॉक मेडिकल आफीसर डॉक्टर पीयूष ठाकुर एवं लेखापाल स्वप्निल जैन को सलाखों के पीछे भेजने का फैसला लिया है l गौरतलब हो कि फरियादी संजय पटेल ने 24 मार्च 2015 को लोकायुक्त में इन दोनो की शिकायत की थी । शिकायत के अनुसार बीएमओ ने लेखापाल के माध्यम से वाहन के बिलों के भुगतान के एवज में १५ हजार रुपयों की रिश्वत माँगी थी ।

               अब न्यायाधीश निहारिका सिंह की अदालत ने दोनो को धारा 7 में दोषी पाते हुए 3-3 साल की सजा ओर 2-2 हजार का जुर्माना किया है । इसके साथ ही धारा 13(1)डी के तहत दोनो को 4-4 साल की सजा और 3-3 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है ।दोनो सजाए एक साथ चलेगी । इस मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक लोकायुक्त गोविंद शाह ने की थी ।