लखनऊ - सब्जियों में मुख्य रूप से उपयोग किये जाने वाला आलू अब खरीदारों के इंतज़ार में है l माजरा यह है की आलू का बम्पर उत्पादन होने की वजह से इसका थोक दाम २० पैसे प्रति किलो हो गया है l जिसकी वजह से किसान और कोल्ड स्टोरेज वाले पुराने आलू को सड़क पर फेंकने पर मजबूर हो गए हैं l सरकार की तरफ से अभी तक इस बारे में कोई राहत का एलान नहीं किया गया है l उत्तरप्रदेश के आगरा और कानपुर में तो कोई फ्री में भी आलू लेने को तैयार नहीं है l वहीँ नया आलू ५ रूपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है l हालात इतने खराब हो गए हैं कि अकेले आगरा मंडल के कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने २.५ लाख टन आलू सड़कों पर फेंक दिया है l आगे और भी खराब हालात हो सकते हैं l दुसरे कुछ राज्यों में भी यहीं से आलू भेजा जाता है इसका असर वहां भी देखने को मिल सकता है l