रायपुर - राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और स्टेट न्यायिक अकादमी बिलासपुर द्वारा रायपुर में दो दिवसीय ईस्ट जोन रीजनल कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है l न्यायिक संस्थानों की उत्कृष्टता को बढ़ाने में अवसर और चुनौतियां इस विषय पर आयोजित इस कांफ्रेंस में छत्तीसगढ़ सहित बिहार, झारखण्ड और उड़ीसा के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश गण शामिल हुए हैं l छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस थोट्टाथिल बी. राधाकृष्णन, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के डायरेक्टर एवं आन्ध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जी. रघुराम, राष्ट्रीय लाॅ कमिशन के चेयरमेन जस्टिस डाॅ. बी.एस.चैहान तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राज्य न्यायिक अकादमी की माॅनिटरिंग समिति के चेयरमेन जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने दीप प्रज्जवलित कर इस रीजनल काॅन्फ्रेस का शुभारंभ किया l
यह रीजनल कांफ्रेंस १६ एवं १७ दिसम्बर को रायपुर स्थित एक होटल में आयोजित की जा रही है l छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस थोट्टाथिल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जज एक जेनेटिक गुण नही है, बल्कि यह विज्ञान, कला, इंफारमेशन और मानवीय गुणों का एक कलस्टर है l