उमरिया | वन परिक्षेत्र घुनघुटी अंतर्गत कांचोंदर बीट में मिले नर शावकों के मौत के बाद वन अमले में आपसी खींचतान का मामला प्रकाश में आया है जिसके बाद घुनघुटी क्षेत्र के वन कर्मी इसकी लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक से करने का मन बना रहे है। दरअसल शावकों की मौत के बाद मुख्य कार्यालय का स्थानीय वन प्रबन्धन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा है जिसके बाद अब वन अमला एक दूसरे की गलती गिनाने में लगा हुवा है,सूत्र बताते है कि बुधवार की शाम घटना स्थल के करीब मृत दो शावकों के बाद करीब ही तीसरा शावक देखा गया था जिसके बाद भारी तादात में वन अमला मौके पर मौजूद था।इसी दौरान घुनघुटी उप परिक्षेत्राधिकारी मान सिंह परस्ते के साथ विभाग के ही दूसरे क्षेत्र के रेंजर ने बदसलूकी की है जिसके बाद पीड़ित डिप्टी रेंजर ने मामले की शिकायत सांसद ज्ञान सिंह से की है जिसके बाद अब इस मामले की शिकायत पीड़ित वन अमला पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने का मन बना रहा है।दरअसल जिस क्षेत्र में शावक का शव मिला है वह उमरिया के साथ शहडोल एवम अनुपपुर की सीमा से सटा क्षेत्र है जिस वजह से दूसरे जिले के वन अधिकारियों से भी शावक के मौत मामले जवाब तलब किये जा रहे है।जिस वजह से सम्बंधित वन अधिकारी एक दूसरे पर अपनी गलती थोपने की कोशिश कर रहे है।सूत्र बताते है कि पीड़ित डिप्टी रेंजर के साथ हुई बदसलूकी के दौरान कई वन अधिकारी एवम कर्मचारी घटना स्थल पर मौजूद रहे है।
वन अमला जागा
वन परिक्षेत्र घुनघुटी अंतर्गत आमगार,काँचोदर सहित कई क्षेत्रों में वन विभाग सघन अभियान चलाकर बाघ शावक की पतासाजी के प्रयास कर रही है।गुरुवार की सुबह से ही वन अमला घटना स्थल से सटे वन क्षेत्रों में बचे बाघ शावक को ढूंढने में जंगल की खाक छान रहे है।विदित हो कि घुनघुटी वन परिक्षेत्र के आमंगार बीट में क्षत विक्षत अवस्था मे सोमवार को बाघिन के साथ उसके एक शावक का शव मिला था,जिसके बाद बुधवार को मृत बाघिन के बाकी बचे एक शावक के पदचिन्ह देखे गए है जिसके बाद से ही बिना माता बाघिन के शावक की पतासाजी के प्रयास क्षेत्र से सटे जंगल मे किया जा रहा है ,बाघ शावक की पतासाजी के लिए बकायदा डॉग सकार्ड भी सम्बन्धित वन अधिकारी एवम कर्मचारी के साथ पतासाजी के प्रयास कर रहै है, सम्बन्धित वन अधिकारियों की माने तो बाकी बचे शावक को जल्द ही सटे वन क्षेत्र से तलाश कर लिया जायेगा जिसके लिए आवश्यक प्रयास किये जा रहे है।