रेहटी - इसे आप एक विडम्बना ही कहेंगे, क्योंकि मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र की रेहटी तहसील आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी अस्पताल में पोस्टमाटर्म रूम नही होने से परेशानी का सामना कर रही है यह कहने में भी कोई अतिशयोक्ति नही होगी कि नगर सरकार से लेकर प्रदेश एवं देश मे भी बी जे पी की सरकार है और इस बुधनी विधानसभा छेत्र में जो बुधनी से विधायक है वो खुद प्रदेश के मुखिया है l सांसद जो कि केंद्र सरकार में विदेश मंत्री है, और तीन निगम अध्यक्ष वो भी केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त हैं ,इसके बाबजूद रेहटी में एक पोस्टमार्टम रूम तक अभी नही बन पाया इसे आप क्या कहेंगे, क्या यही है विकास, क्या यही है मुख्यमंत्री के सपनो का स्वर्णिम मध्यप्रदेश, यदि यही है तो जनता भी जवाव देना जानती है।

एक जोर जहां मध्यप्रदेश शासन के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में व्यापक इंतजाम कर सेवाओं में अमलीजामा पहनाने की कवायद की जा रही है वहीं दूसरी तरफ धरातल पर इसका कोई क्रियान्वयन होते दिख नहीं रहा है। रेहटी इसका जीता जागता प्रमाण है, जहां दिन में खुले में पोस्टमार्टम किया जा रहा है। यहाँ यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि रेहटी में दिया तले अँधेरा पसरा हुआ है l 

रेहटी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 50 से अधिक गाँव आते है 

रेहटी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतर्गत 50 से अधिक गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। ऐसा नहीं है कि एक दो या चार दिनो में 1-2 लोगों की मौत यहां दुर्घटना और अन्य कारणों से होती हो। इन लोगों के शवों का पोस्टमार्टम रेहटी के अस्पताल में नही होता है। इतनी बड़ी आबादी के बीच एक पोस्टमार्टम गृह न होना आश्चर्य की बात है। यहां खुले में शव विच्छेदन पर रोक नहीं लग रही है।
कहां रखें शव - रेहटी अस्पताल में एक और समस्या है। यहां शव रखने के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है। कई बार दुर्घटना आदि के कारण लोगों का शव घर जल्दी ले जाने की स्थिति नहीं बन पाती। ऐसे में परिजन काफी परेशान होते हैं। यदि रेहटी अस्पताल में शवों को रखने के लिए कोई स्थान निर्धारित कर दिया जाए तो इससे काफी सहूलियत होगी। स्थानीय लोगों ने रेहटी में पोस्टमार्टम गृह बनाए जाने की मांग की है।

इसे आप एक विडम्बना ही कहेंगे क्योंकि मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र की रेहटी तहसील आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी अस्पताल में पोस्टमाटर्म रूम नही होने से परेशानी का सामना कर रही है यह कहने में भी कोई अतिशयोक्ति नही होगी कि नगर सरकार से लेकर प्रदेश एवं देश मे भी बी जे पी की सरकार है और इस बुधनी विधानसभा छेत्र में जो बुधनी से विधायक है वो खुद प्रदेश के मुखिया है सांसद जो कि केंद्र सरकार में विदेश मंत्री है और तीन निगम अध्यक्ष वो भी केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त इसके बाबजूद रेहटी में एक पोस्टमार्टम रूम तक अभी नही बन पाया इसे आप क्या कहेंगे क्या यही है विकास क्या यही है मुख्यमंत्री के सपनो का स्वर्णीयम मध्यप्रदेश यदि यही है तो जनता भी जवाव देना जानती है।

एक जोर जहां मध्यप्रदेश शासन के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में व्यापक इंतजाम कर सेवाओं में अमलीजामा पहनाने की कवायद की जा रही है वहीं दूसरी तरफ धराताल का इसका कोई क्रियान्वयन होते दिख नहीं रहा है। रेहटी इसका जीता जागता प्रमाण है जहां दिन में खुले में पोस्टमार्टम किया जा रहा है। जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है।

रेहटी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 50 से अधिक गाँव आते है 

रेहटी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतर्गत 50 से अधिक गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। ऐसा नहीं है कि एक दो या चार दिनो में 1-2 लोगों की मौत यहां दुर्घटना और अन्य कारणों से होती हो। इन लोगों के शवों का पोस्टमार्टम रेहटी के अस्पताल में नही होता है। इतनी बड़ी आबादी के बीच एक पोस्टमार्टम गृह न होना आश्चर्य की बात है। यहां खुले में शव विच्छेदन पर रोक नहीं लग रही है।                            
          कहां रखें शवरेहटी अस्पताल में एक और समस्या है। यहां शव रखने के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है। कई बार दुर्घटना आदि के कारण लोगों का शव घर जल्दी ले जाने की स्थिति नहीं बन पाती। ऐसे में परिजन काफी परेशान होते हैं। यदि रेहटी अस्पताल में शवों को रखने के लिए कोई स्थान निर्धारित कर दिया जाए तो इससे काफी सहूलियत होगी। स्थानीय लोगों ने रेहटी में पोस्टमार्टम गृह बनाए जाने की मांग की है।