मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण पर एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि नौकरी में आरक्षण का लाभ एक बार ही लिया जा सकता है l हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर नौकरी लगते समय आरक्षण का लाभ लिया गया है तो दुबारा प्रमोशन के समय आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा l कोर्ट के इस फैसले से राज्य सरकार को तगड़ा झटका लगा है l मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और न्यायाधीश वीके शुक्ला की युगल पीठ ने यह फैसला दिया है l प्रमोशन में आरक्षण पर मामला सुप्रीमकोर्ट में चल रहा है जो अपने अंतिम दौर में है l तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने सन २००२ में प्रमोशन में आरक्षण के नियम को लागू किया था बाद में शिवराज सरकार ने भी इसको यथावत लागू कर दिया था लिकेन इस निर्णय को जबलपुर हाई कोर्ट में चुनौती दे दी गई थी l इस पर एमपी हाई कोर्ट ने लोक सेवा नियम २००२ ही नितास्त करने का आदेश दे दिया था l इस फैसले के विरुद्ध में दोनों पक्ष सुप्रीमकोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं l मध्यप्रदेश सरकार प्रमोशन में आरक्षण के पक्ष में है l अब सुप्रीमकोर्ट का इस मामले पर क्या आदेश आता है इस पर सभी की नज़र लगी हुई है l