रेहटी  - रेत से भरे ओवरलोड डंपर और ट्रक लोगों की जानमाल के लिए खतरा बने हुए हैं। और इन डंपर और ट्रको से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। और लोग असमय ही काल की गाल में समा रहे हैं। बीते दिन भोमदा निवासी मोनू पिता संतोष तिवारी भी इस हादसे का शिकार हुआ। वहीं उसकी बहन पूजा और मां राधा गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसका रविवार को गमगीन माहोल में अंतिम संस्कार किया गया। चौकाने वाली बात यह है कि रेहटी मार्ग पर प्रतिदिन सेकड़ो डंपर, ट्रक चलते हैं जिनकी गति पर न तो पुलिस रोक लगा पा रही है ना ही खनिज विभाग। सबसे अधिक चौकाने वाली बात यह है कि खनिज विभाग का सलकनपुर के पास रेत के ओवरलोड चैक करने के लिए नाका लगा रखा है। लेकिन यहां के कर्मचारी ओवरलोड और अवैध रेत के वाहन निकाल रहे हैं। वह भी रिश्वत लेकर। ऐसे में नागरिको की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। वर्ष भर में एक दर्जन से अधिक मौत रेत के डंपरो के कारण ही हुई है। वहीं नगर पंचायत भी उदासीन बनी हुई है। बार-बार डिवाइडर से टकराकर हो रही दुर्घटनाओं पर विराम लगाने के लिए नगर परिषद ने कहीं भी स्पीड बेक्रर बनवाना उचित नही समझा है। वहीं सडक़ों पर अतिक्रमण भी ही दुर्घटना का परियाय बना हुआ है। प्रशासन को चाहिए कि 24 घंटे निकलने वाले रेत के डंपर और ट्रकों की गति पर रोक लगना अनिवार्य है। और नगर परिषद को चाहिए कि नगर के 3 किमी सडक़  पर स्पीड ब्रेकर बनवाना चाहिए। और खनिल विभाग को चाहिए की ओवरलोडिंग पर लगाम लगायें ताकि इन मौत बांटते डम्परों पर काबू पाया जा सके l