रेहटी - हमें अपने अधिकारोंं के प्रति सचेत रहना चाहिए। वहीं दूसरों के अधिकारों का हनन न हो ऐसे काम भी नित्य क्रिया में शामिल करना चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए छात्र जीवन से ही अधिकारो के प्रति सचेत और सजग रहने की आवश्यकता है। किसी छात्रा के साथ अधिकारों के हनन की घटना होती है तो उसे दबाना नही चाहिए। पूरी ताकत से उसके विरोध में खड़े होना चाहिए। और अपने अधिकारो के प्रति संघर्ष करना चाहिए। ऐसा करने से समाज में प्रेरणा आएगी और दूसरो के भी मानवाधिकार सुरक्षित होंगे। यह बातें रविवार को गल्र्स हायर सेकेण्डरी स्कूल रेहटी में आयोजित महिला अधिकार, मानवाधिकार विचार संगोष्ठी पुरुस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए न्यायधीश श्रीमान आदित्य रावत ने कही। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में एडवोकेट सुनील दुवे, गोविंद रघुवंशी, चंद्रकिशोर यादव, योगेश पांडे शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान संगौष्ठी में विजेता तीन छात्राओं का प्रोत्साहन पुरुस्कार भी भेंट किए जिनमें प्रथम अरूणा हुकुम ङ्क्षसह सिंह कक्षा ११वीं, द्वितीय पूनम साहू क क्षा १०वीं, सोनम साहू कक्षा १०वीं को तृतीय प्रोत्साहन पुरुस्कार दिया गया। यह पुरुस्कार महिला एवं मानवाधिकारों को लेकर संगौष्ठी कार्यशाला का आयोजन 8 दिसंबर को कन्या हायर सेेकेण्डरी स्कूल रेहटी में आयोजित किया गया था। जिसमें छात्राओं ने प्रमुखता से दोनो विषयों पर विचार रखे थे। इस प्रतियोगिता में तीन प्रतियोगियों को प्रोत्साहन पुरुस्कार न्यायाधीश बुदनी आदित्यरावत की ओर से प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य राकेश राजवंशी, एडव्होकेट सुनील दुवे, गोविंद रघुवंशी, चंद्रकिशोर यादव, वीरेंद्र यादव, योगेश पांडे, शिक्षक चगदीश प्रसाद चौहान, राजीव शर्मा, प्रसांत राजपूत, मानसिंह सौलंकी, धर्मेंद्र चौकीकर, मनोज लोवंशी, प्रभात सिंह कनेल, रेखा अग्रवाल, विजेता ठाकुर, आशा यादव, सपना कीर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।