वर्तमान राजनीती में ऐसा कोई भी दल नहीं है जिनके नेताओं ने बदजुबानी में जहर न उगला हो l चाहे वह कांग्रेस हो या भाजपा दोनों दलों के नेताओं के मुंह से अनेकों बार बदजुबानी की गयी है l पिछले कुछ समय से राजनीती में व्यक्तिगत जुबानी हमला ज्यादा बढ़ गया है l मणिशंकर अय्यर ने मोदी के खिलाफ नीच शब्द का इस्तेमाल किया l अय्यर के बयान से नाराज़ कांग्रेस ने अय्यर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है l कांग्रेस ने तुरंत यह कार्यवाही करके अब गेंद भाजपा के पाले में डाल दी है l अब सवाल यह उठता है की क्या भाजपा भी अपने उन नेताओं के खिलाफ कार्यवाही करेगी जो सोनिया गाँधी और राहुल गांधी पर बदजुबानी करते रहे हैं l अय्यर के बयान पर राहुल गाँधी ने सार्वजानिक तौर पर नाराजगी जाहिर की और अय्यर से माफ़ी मांगने को भी कहा l कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा की कांग्रेस ने अय्यर पर बदजुबानी पर यह कार्यवाही कर दी है क्या मोदी जी भी यह साहस दिखा पाएंगे l सुरजेवाला ने कहा कि मोदीजी ने शशि थरूर की पूर्व पत्नी को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल किया था और उन्हें ५० करोड़ की गर्लफ्रेंड बताया था और कांग्रेस के पार्टी चिन्ह को भी खुनी पंजा कहा था , मोदीजी को इसके लिए माफ़ी माँगना चाहिए l जीवीएल नरसिम्हा राव ने राहुल गाँधी को बाबर भक्त और खिलजी का रिश्तेदार कहा, भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने तो राहुल को खिलजी की औलाद तक कह डाला था ,ऐसे ही भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा था कि राहुल के साथ अगर गाँधी शब्द न जुड़ा होता तो वो भारतीय राजनीति के डस्टबिन में फेंक दिए गए होते l मनोज तिवारी ने गाँधी परिवार को जेबकतरा कहा था l ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ भाजपा नेता अपने मुंह से बदजुबानी करते रहे हैं l अब यक्ष प्रश्न यह उठता है कि क्या कांग्रेस की तरह मोदीजी और अमित शाह इन नेताओं की बदजुबानी पर कोई एक्शन लेने का साहस करेंगे l या फिर अपनों पे करम एवं औरों पे सितम की कहावत चरितार्थ होती रहेगी l
कई भाजपा नेताओं ने भी उगला हैं जुबानी जहर , क्या कांग्रेस की तरह उन पर भी कोई एक्शन लेगी भाजपा ?