उमरिया | दर्द से कराहती प्रसूता की मानपुर से जिला अस्पताल रेफर के दौरान घँग़री के समीप मौत हो गयी है वही नवजात पुत्री जीवित है। इस मामले में प्रसूता के पिता मोती लाल यादव निवासी मचखेता ने बताया कि सुबह बेटी पूजा यादव पति ललन यादव निवासी गोहड़ी(धमोखर) को प्रसव वेदना के असहनीय दर्द से पीड़ित थी जिसके बाद बेटी को मानपुर अस्पताल लाया गया जहाँ शाम 4 बजे बेटी की कोख से पुत्री ने जन्म लिया,प्रसव के बाद मृतक पुत्री और अधिक असहनीय दर्द से पीड़ित रही जिसके बाद बेटी को मानपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया,रेफर के दौरान ग्राम घँग़री के समीप उसकी मृत्यु हो गयी,इस घटना में मानपुर अस्पताल में मृतक पुत्री के प्रसव में लापरवाही बरती गई है जिन कारणों से प्रसव के बाद भी पुत्री असहनीय दर्द से पीड़ित थी,उन्होंने कहा कि प्रसव के बाद भी पुत्री के स्वास्थ के प्रति गंभीरता न दिखाते हुवे उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया,जिस वजह से पुत्री की मृत्यु हो गयी वही मृतक पुत्री की माता कौशलिया बाई भी पुत्री की मौत से व्यथित एवम विलाप करते हुवे बताया कि प्रसव के दौरान चिकित्सकीय टीम ने लापरवाही बरती है जिस वजह से प्रसव उपरांत भी असहनीय दर्द से पुत्री पीड़ित रही है और उसे उसी हालत में रेफर कर दिया गया,जिससे जिला अस्पताल में उपचार पूर्व ही उसकी मौत हो गयी।विदित हो कि मृतक पुत्री पिछले 20 दिनों पहले ही अपने स्वास्थ्य को देखते ससुराल ग्राम गोहड़ी से मायके मचखेता आ गयी थी जिसके बाद अभी 10 दिन पहले ही पिता ने प्रसूता पुत्री की जांच जिला अस्पताल में कराई थी।सवाल यह उठता है कि प्रसूता की जांच आदि सामान्य होने के बावजूद प्रसव के दौरान ऐसी कौन सी लापरवाही की गई,जिससे प्रसव उपरांत भी प्रसूता असहनीय दर्द से पीड़ित थी,अतिसंवेदनशील इस मामले में प्रसूता की हालत बिगड़ते देख आनन फानन में जिला अस्पताल रेफर कर देना भी बड़ी लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है।मानवीय संवेदनाओं से परे ऐसे सम्बन्धित चिकित्सक को ऐसे गम्भीर मामलों में मरीज को इस लायक तो कर देना चाहिए कि मरीज रेफर के बाद अमुक अस्पताल पहुंच सके। इस मामले से यह तो साफ हो गया है कि शासकीय चिकित्सक मरीजो को लेकर कितने गम्भीर है ऐसे मामलों में सम्बन्धित चिकित्सक के विरुद्ध जांच की जानी चाहिए एवम दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही की जानी चाहिए।