उमरिया | किसानों को देने वाला बीज अमानक होने के बावजूद विभाग ने किसानों के वितरण करने जनपदवार वितरण करा दिया है जबकि शासन के स्पष्ठ निर्देश है कि प्रमाणिक बीज ही किसानों को वितरण किये जायगे। बताया जाता है कि उद्यानिकी विभाग ने किसानों को टमाटर,आलू के अलावा कई बीज वितरण किये है इन बीजों में टमाटर का बीज प्रमाणिक न होने के बाद भी किसानों के वितरण के लिए जनपदवार अपने कर्मचारियों को 23 नवम्बर को वितरण कर दिया है।इस मामले में रीवा स्थित जेडी कार्यालय से विभाग को नोटिस भी मिली है वही इस मामले में सहायक संचालक आरबी पटेल ने बताया कि किसानों को वितरण किये जाने वाला टमाटर का बीज प्रमाणित नही है इस मामले में भोपाल स्थित मुख्य कार्यालय को पत्र दिया गया है।सवाल यह उठता है कि अगर बीज प्रमाणिक नही था तो उसे विभाग ने किसानों को वितरण क्यों किया,वही मामले का दूसरा पहलू यह भी है कि क्या अब किसान इस अप्रमाणित बीज का क्रय प्रमाणिक बीज की दर 1300 किलो के हिसाब से करेगे।विभागीय लापरवाही की वजह से अब ब्लॉक स्तर के कर्मचारी भी परेशान है कि आखिर इस अप्रमाणिक बीज का विक्रय किसानों को कैसे करे। इस मामले में यह भी बात सामने आ रही है कि सहायक संचालक की पूर्व में सतना में पदस्थापना थी उसी दौरान उक्त अप्रमाणिक टमाटर के बीज को तैयार किया गया था सूत्रों की माने तो इन्ही कारणों से उक्त अप्रमाणिक टमाटर के बीज के वितरण में विभाग ने किसानों की वितरण व्यवस्था में ततपरता दिखाई गई है नाम नही छापने की शर्त पर कई किसानों ने कहा है कि अगर ऐसे बीजो का रोपण किया गया और फल नही हुवे तो इसका जिम्मेदार कौन होगा देखना होगा कि विभाग इस अप्रमाणिक टमाटर के बीज को किसानों के बीच कैसे वितरण कर विक्रय कराती है ।