उमरिया - थाना मानपुर अंतर्गत ग्राम घघोर में सितम्बर माह की 26 तारीख को हुई व्रद्ध महिला दुबसिया बाई की हत्या के मामले में मृतिका के पति प्रेमदास साहू ने पुलिस अधीक्षक डॉ असीत यादव को अपनी व्यथा सुनाई है और शिकायत कर कहा है कि सम्बन्धित पुलिस ने मृतिका पत्नी की हत्या में शामिल दो आरोपियों के अलावा अन्य आरोपियों को मामले में आरोपी नही बनाया है जिस वजह से बाकी आरोपी पुलिस हिरासत से दूर है।अपनी शिकायत में मृतिका के पति ने मानपुर पुलिस पर गम्भीर लगाते हुवे आरोपित किया है कि दो आरोपियों के अलावा मामले के दूसरे अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार नही किया है जबकि इस मामले में कई अन्य आरोपी घटना को अंजाम दे आज भी बेख़ौफ़ गांव में घूम रहे है। पुलिस अधीक्षक ने इस गम्भीर मामले में सम्बन्धित मानपुर पुलिस को जरूरी निर्देश दिए है। मृतिका के पुत्र राम खेलावन साहू ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी सन्तोष पिता सरमन बैगा की पत्नी का भी इस हत्या में बखूबी संलिप्तता रही है घटना के बाद मानपुर पुलिस ने उसके बयान भी लिए थे जिसमे उसने जुर्म भी कबूला था परन्तु मानपुर पुलिस ने उसकी पत्नी को मुजरिम नही बनाया,साथ ही उसने यह भी बताया कि आरोपियों द्वारा हत्या कारित के दौरान स्थानीय रामसिंह जो करीब ही मवेशी के लिए घांस काट रहा था उसने पूरी घटना को अपनी नंगी आंखों से देखा भी है इसके साक्ष्य कथन भी मानपुर पुलिस ने घटना के बाद लिया है पर कोई गम्भीरता नही दिखाई गई।उसने बताया कि मुख्य आरोपी सन्तोष बैगा के पत्नी सहित उसके परिवार के और लोग भी मेरी माँ की हत्या में शामिल रहे है बावजूद इसके पुलिस ने बाकी आरोपियों को आपराधिक मामले से दूर रखा है जिस वजह से बेख़ौफ़ घूम रहे आरोपी फिर से किसी नई घटना को अंजाम दे सकते है।मृतिका के पति प्रेमदास साहू ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत के दौरान न्याय दिलाने की मांग की है।विदित हो कि जादू टोने के शक पर सितम्बर माह में वृद्ध महिला की बेरहमी से  हत्या कर दी गयी थी पुलिस ने इस मामले में स्थानीय दो आरोपी सन्तोष बैगा एवम अजित सिंह को गिरफ्तार कर सम्मानीय न्यायालय में पेश किया था जिसके बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था,सूत्र बताते है कि अभी कुछ दिनों पहले मामले में शामिल दो आरोपियों में से एक आरोपी अजित सिंह को सम्मानीय न्यायालय ने जमानत भी दी है जिसके बाद से ही पीड़ित पक्ष गम्भीर है और मामले में शामिल दूसरे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस अधीक्षक से अपने व अपने परिवार के सुरक्षा की गुहार लगा रहे है।सवाल यह है कि इस मामले में पीड़ित पक्ष किन साक्ष्यों के आधार पर दो मुख्य आरोपियों के अलावा हत्या में अन्य आरोपियों के संलिप्तता की बात कर रहा है, वही दूसरे ओर देखा जाए तो पीड़ित पक्ष की बात में तनिक भी सच्चाई है तो आखिर वृद्ध महिला की हत्या जैसे गम्भीर अपराध मे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल अन्य आरोपी पुलिस हिरासत से दूर क्यों है यह एक बड़ा सवाल है और जांच का विषय है।