अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री प्रमोद पंडित जोशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए विहिप को आड़े हाथों लिया है l और आम जनता तक अहम जानकारी भेजते हुए यह बताया है कि राम मंदिर से विहिप का क्या नाता है ? सन १९४९ अयोध्या आन्दोलन की सफलता से हिन्दू महासभा का राजनैतिक उत्थान न हो इसलिए सरदार पटेल और नेहरु के दवाव में गुरु गोलवलकर वसंतराव ओकजी ने हिन्दू महासभा तोड़कर जनसंघ बनाया l इसी तारतम्य में सन १९६१-६२ सुन्नी वक्फ बोर्ड ने हिन्दू महासभा पर अयोध्या में मूर्तियाँ रखने का आरोप लगाकर उसे निकालने की याचिका लगाई तब जनसंघ ने विश्व हिन्दू धर्म सम्मलेन तोड़कर विहिप बनाई l श्री जोशी की मानें तो कि विहिप का पहला हिन्दू द्रोही कार्य श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर हुआ l माननीय न्यायालय ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिहार परिवार की संपत्ति स्वीकार करते हुए विश्व हिन्दू धर्म सम्मलेन में उस समय जुटी राशि से बगल में हवेली खरीदकर वहां श्रीकृष्ण जन्मस्थान घोषित कर जन्मस्थली पर बनी मस्जिद को बचाया l हिन्दू महासभा ने आरोप लगाते हुए यह भी खुलासा किया है कि श्री राम जन्मस्थान मंदिर जहाँ पूजा -राग - भोग - दर्शन हो रहे थे वहां २०० गज परिसर में गैर हिन्दू प्रवेश प्रतिबंधित था l द्वार खोलकर शिलान्यास हुआ था उसे कलंक लगाकर ध्वस्त किया था l और मंदिर मस्जिद बनाने के अनेक षड़यंत्र किये परन्तु श्री राम जन्मभूमि १५२८ पूर्व से ही रामानान्दीय निर्मोही अखाडा रामघाट अयोध्या की! स्वीकार नहीं किया l
विश्व हिन्दू परिषद् की अधर्म संसद केवल हिन्दू द्रोह है l
श्री प्रमोद पंडित जोशी
राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिल भारत हिन्दू महासभा