गुड़गांव - मामला बेहद संवेदनशील है l इलाज के नाम पर 15 दिन से चल रही नौटंकी के बाद आज मासूम बच्ची दम तोड़ चुकी है l गौरतलब हो कि 16 लाख के बिल देने वाला यह गुड़गांव का फाइव स्टार अस्पताल है जहां मासूम को भर्ती करके डेंगू का इलाज दिया जा रहा था l जानकारी में आया की मासूम को अयोध्या अस्पताल से फोर्टिस रेफर किया गया था l परिजनों की माने तो उनकी बिना जानकारी के मासूम को वेंटिलेटर पर रखकर रुपए लूटने का गोरखधंधा चल रहा था l मामले की संवेदनशीलता ने फोर्टिस-अस्पताल और स्वास्थ विभाग की मिलीभगत पर सवाल खड़े कर दिए हैं l परिजनों को इलाज के नाम पर गुमराह करके मनमाने बिल थमाए गए है जिसमें 3 लाख रुपए के बिल तो केवल दवाओं के बताया जा रहे हैं l हालांकि बिल देकर अस्पताल प्रबंधन फस चुका है l लगभग आधी राशि परिजन जमा भी कर चुके हैं उसके बाद भी मासूम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ l परिजनों द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं की उन्हें मासूम बच्ची से मिलने तक नहीं दिया जाता था l बताया जा रहा है कि बच्ची का स्वास्थ्य इतना नहीं बिगड़ा था जब से मासूम को फोर्टिस में भर्ती किया गया है तब से स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई थी l तकरीबन 5 दिन से बच्ची का बोलचाल बंद था l डेंगू के नाम पर फाइव स्टार अस्पताल में चल रहे इलाज को लेकर स्वास्थ विभाग के मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल मामले की पूरी जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है l यह जवाबदारी स्वास्थ्य सचिव को सौंपी गई है l देश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए पूरी तरह से स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार ठहराया जा रहा है l आए दिन निजी अस्पतालों की मनमानी देखने को मिलती और लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है l ऐसे सैकड़ों मामले हैं जिन्हें लेकर स्वास्थ्य विभाग अभी भी गंभीर नहीं है l यहां यह विचारणीय प्रश्न है आखिर कब बंद होगा इलाज के नाम पर लूट खसोट का निजी अस्पतालों का यह गोरखधंधा l
गुड़गांव: 15 दिन चला इलाज 7 साल की मासूम आग्धा के परिजनों को फोर्टिस अस्पताल ने थमा दिए 16 लाख के बिल